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Our Heritage

भरतपुर का गौरवशाली इतिहास

भरतपुर, राजस्थान का वह ऐतिहासिक नगर है जिसने भारतीय इतिहास में अपनी वीरता और पराक्रम की अद्भुत छाप छोड़ी। 18वीं शताब्दी में जाट शासकों ने यहाँ एक शक्तिशाली और स्वाभिमानी राज्य की स्थापना की। इनमें सबसे प्रमुख नाम महाराजा सूरजमल का लिया जाता है, जिन्हें “भारत का प्लेटो” कहा गया। उनकी दूरदर्शिता, कूटनीति और संगठन कौशल ने भरतपुर को उत्तर भारत की राजनीति में एक मज़बूत पहचान दिलाई।

भरतपुर का लोहागढ़ किला इस राज्य की शौर्यगाथा का जीवंत प्रमाण है। अंग्रेजों ने कई बार इसे जीतने का प्रयास किया, परन्तु कभी सफल न हो पाए। यह किला आज भी जाट साम्राज्य की अडिग शक्ति, एकता और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है। जाट महाराजाओं ने युद्धकला में ही नहीं बल्कि समाज सुधार, शिक्षा के प्रसार और कृषि व्यवस्था के विकास में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। किसानों को शक्ति देना, सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना और न्यायपूर्ण शासन स्थापित करना उनके प्रमुख कार्य रहे।

लोहागढ़ जाट ज्वाहर मंच का उद्देश्य इसी गौरवशाली इतिहास और विरासत को जीवित रखना है। हम आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि हमारे पूर्वजों ने केवल तलवार की धार से ही नहीं बल्कि अपनी नीति, परंपरा और जनकल्याणकारी सोच से भी समाज का निर्माण किया। हमारा सपना है कि इस मंच के माध्यम से हम जाट समाज को जोड़ें, उनके इतिहास को डिजिटल रूप में संरक्षित करें और दुनिया के सामने भरतपुर तथा जाट महाराजाओं की महानता को प्रस्तुत करें।

हमारा उद्देश्य

हमारा उद्देश्य जाट महाराजाओं की गौरवशाली गाथाओं, भरतपुर राज्य के इतिहास और लोहागढ़ किले की अदम्य शौर्य परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है। हम समाज में जागरूकता फैलाना, युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ना और जाट समुदाय को एक साझा मंच पर एकजुट करना चाहते हैं।

हमारी विरासत

भरतपुर केवल एक राज्य नहीं, बल्कि स्वाभिमान और साहस का प्रतीक है। महाराजा सूरजमल जैसे महान शासकों ने इस भूमि को गौरव दिया और इसे उत्तर भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। लोहागढ़ किला आज भी उस शौर्यगाथा का जीवंत उदाहरण है। हमारी विरासत सिर्फ अतीत की कहानी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

हमारा दृष्टिकोण

हमारा दृष्टिकोण एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ इतिहास केवल किताबों तक सीमित न रहकर डिजिटल मंच पर जीवंत हो। हम दुनिया भर के जाट समाज को जोड़कर उनकी एकता, संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाना चाहते हैं।

Why Lohagarh Jat Jawhar Manch?

क्यों चुनें हमें?

  • प्रामाणिक ऐतिहासिक तथ्य और जानकारी

  • जाट महाराजाओं की वीरता और योगदान की गाथाएँ

  • समाज को जोड़ने और जागरूक करने का मंच

  • नई पीढ़ी के लिए इतिहास और संस्कृति का डिजिटल भंडार

संस्थापक एवं पदाधिकारी

क्रमांकनामपद
1.डॉ. नरेंद्र सिंह फौजदारसंरक्षक
2.ई. सरदार सिंहअध्यक्ष
3.दमोदर सिंह फौजदारउपाध्यक्ष
4.सुधीरपाल सिंहमहासचिव
5.जल सिंह सिंसिनवारकोषाध्यक्ष
6.देवीसिंह कुंतलसह सचिव
7.डॉ. उदयमान सिंहमीडिया प्रभारी
8.हीरासिंह आर्याकार्यकारिणी सदस्य
9.ओमप्रकाश सोगरवालकार्यकारिणी सदस्य
10.श्री थान सिंह सोलंकीकार्यकारिणी सदस्य
11.ई. महावीर सिंह तोमरसदस्य
12.बचन सिंहसदस्य
13.प्रमोद सिंहसदस्य
14.मनोज चौधरी (बॉबी)सदस्य
15.स्वरूप सिंहसदस्य